***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

فتاویٰ > व्यवसाय > विरासत का विवरण

Share |
f:1991 -    मृतक की सम्पत्ति व जायदाद का बटवारा
Country : दिल्सुख नगर, हैद्राबाद,
Name : उसमान अहमद
Question:     एक व्यक्ति का देहान्त हो चुका है, वारिसों में 2 विधवा पत्नियाँ, माता-पिता, 3 लड़कियां एवं पाँच लड़के हैं, मृतक ने जो धन व जायदाद छोड़ा है वारिसों के बीच उस को कैसे बटवारा किया जाए, शरीअत के अनुसार इस का बटवारा किस प्रकार होगा?
............................................................................
Answer:     पावन शरीअत में मृतक के छोड़ी हुआ जायदाद व सम्पत्ति एवं धन  से आदेशवाहक 4 अधिकारें संबंधित होते हैं-

(1)- दफन करना व तकफीन (शवाधान) का प्रबन्ध।  
(2)- उधार का संपादन, पत्नी का मेहर संपादन ना किया हो तो उसका संपादन करना।  
(3)- किसी ग़ैर-वारिस के अधिकार में कोई वसीयत की हो तो बाखी धन के एक तिहाई से वसीयत का संपादन।  
(4)- बाखी चीज़ों का मृतक की सम्पत्ति व कुटुम्बी के वारिसों के बीच क़ुरान व हदीस के अनुसार बटवारा।  

जैसा के अस सिराजी फी इल्म उल फराइज़, पः 413 में उल्लेख है।  

पूछे गए प्रश्न की स्थिति में शरीअत का आदेश ये है के सब से प्रथम मृतक के छोड़ी सम्पत्ति व कुटुम्बी से खर्चे व दफन (शवाधान) करने के खर्च निपटाए जारक जिस ने खर्च किए हैं उस को दिए जाएँ।  

बाद में मृतक की पत्नियों का मेहर संपादन करना अनिवार्य व वाजिब हो तो इस को संपादन किया जाए एवं अधिक मृतक के ज़िम्मे यदि कर्जदार थे तो उन्हें संपादन कर दिया जाए यदि उन्हों ने किसी ग़ैर-वारिस के लिए कोई वसीयत की थी तो मृतक की सम्पत्ति के एक तिहाई से वसीयत पूरी की जाए।  इस के बाद बाखी मृतक के छोड़ी सम्पत्ति के एक तिहाई से वसीयत पूरी की जाए, इस के बाद बाखी मृतक के पूर्ण 48 हिस्से किए जाकर इन की दो पत्नियों में प्रत्येक को 6-6, 3 लड़कियों में से प्रत्येक को 2-2, 5 लड़कों में प्रत्येक को 4-4 एवं मृतक की माँ को 8 हिस्से तथा पिता को 8 हिस्से दिए जाएँ।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com