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فتاویٰ > व्यवसाय > विरासत का विवरण

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f:1989 -    मुसलमान औलाद ग़ैर मुसलिम माता-पिता के वारिस नहीं
Country : हिंदुस्तान,
Name : ज़मीर
Question:     ग़ैर मुसलिम माता-पिता जायदाद में हिस्सा ना दे रहे हैं तो उन के साथ कैसा पेश आना चाहिए?
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Answer:     वारिस एवं विरासत करने वाले का धर्म अलग-अलग हो तो दोनों के लिए विरासत शरन जारी नहीं होती.  

जैसा के सहीह मुसलिम में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः हज़रत सैयदना उसामा बिन ज़ैद रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश कियाः मुसलमान काफिर का वारिस नहीं होता एवं काफिर मुसलमान का वारिस नहीं होता.  

(सहीह मुसलिम, किताब उल फराइज़, हदीस संख्याः 4225)  

माता पिता यदि ग़ैर मुसलिम हों तो मुसलमान औलाद शरीअत के आधार में उन के वारिस नहीं होते, जहाँ तक व्यवहार का प्रश्न है तो माता-पिता ग़ैर-मुसलिम भी हों तो उन के साथ कुशल व्यवहार व शिष्टाचार ही करना चाहिए।  

उन की सेवा करनी चाहिए।  परन्तु वे पाप का आदेश दें तो उस हद व सीमा तक उन का पालन नहीं किया जाए।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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