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فتاویٰ > व्यवसाय > किराये का वर्णन

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f:1940 -    किराया ना देने की स्थिति में क्या करें?
Country : सऊदी अ़रब,
Name : सैय्यद खाजा मोहिउद्दीन
Question:     अस्सलामु अलैकुम मौलाना साहब मेरा नाम खाजा है, मेरा एक प्रश्न है विनती है इस का उत्तर दीजिए।

मैं पूर्व रमज़ान में उमरे के लिए गया था, जब मैं मक्के में था तब मैं एक टैक्सी में मसजिद आयशा गया था तथा वही टैक्सी में मक्के को वापस आ गया।  फिर वह टैक्सी वाला बजाए 40 या 50 रियाल के बजाय 120 रियाल माँगने लगा, तब मैं बोला के इतने नहीं दे सकता, तब वह मुझे पूरे पैसे दे दो बोला, तब मैं अभी आता हुँ कह कर भाग आया तथा उसको एक पैसा भी नहीं दिया, अब मुझे दुःख हो रहा है, अब मैं क्या करुँ?  अल्लाह से क्षमा कैसे माँगुँ?  विनती है मुझे बताएं, धन्यवाद।
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Answer:     वअलैकु अस्सलाम वरहमतुल्लाहि वबरकातुह!  यदि किसी तरीके से आप उस गाड़ीवान व ड्राइवर तक पैसे पहुँचा सकते हैं ते अवश्य पहुँचाएं।  इस में आलस्य ना करें।  यदि ये सम्भव ना हो तो उस राशि व पैसे को उनकी ओर से सदखा कर दें।  

फिर यदि किसी समय उन से मुलाकात हो जाए या पता मिल जे तो उन्हें पैसे लाटाना आप के लिए अवश्य है।  

आप ने उन्हें जो पैसे नहीं दिए ये निर्माण के अधिकार से हैं जिसे संपादन ना करना बड़ा पाप है।  आप अल्लाह तआला के दरबार में तौबा व इस्तेग़फार (प्रायश्चित व पश्चाताप) करें।  अधिक उस व्यक्ति की तलाश जारी रखें।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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