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فتاویٰ > शिष्टाचार > पड़ोसियों के अधिकार

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f:1344 -    पड़ोसी के साथ शिष्टाचार करने का आदेश
Country : कुत्ता पेट,
Name : अत्थर शरीफ
Question:     हमारे पड़ोसियों के पास से अधिकार लड़ाई, झगडे सुन्ने में आता है।  एक पड़ोसी पर दूसरे पड़ोसी के क्या अधिकार होते हैं, क़ुरान व हदीस का आदाऱ पर वर्णन करें।
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Answer:     पड़ोसियों से शिष्टाचार करने के सिलसिले में अल्लाह तआ़ला का आदेश हैः-

भाषांतरः- नातेदार पड़ोसियों के साथ एवं अपरिचित पड़ोसियों के साथ तथा साथ रहनेवाले व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करो।  

(सुरह अन निसाः 04:36)  

पड़ोसियों से शिष्टाचार और कुशल व्यवहार करने वाले के लिए गवाही वर्णन हुई हैं।  जामेअ़ तिरमिज़ी, जिल्द 2, पः 16 में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः- हज़रत सैयदना अबदुल्लाह बिन उ़मर रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने आदेश फरमाया के अल्लाह तआ़ला के निकट सर्वश्रेष्ठ साथी वह है जो अपने साथी के लिए सर्वश्रेष्ठ है और अल्लाह तआ़ला के पास सर्वश्रेष्ठ पड़ोसी वह है जो अपने पड़ोसी के लिए श्रेष्ठतर है।  

अधिक जामेअ़ तिरमिज़ी, जिल्द 2, पः 56 में हज़रत सैयदना अबु हुरैरह रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित एक विस्तार रिवायत हैः- रिवायत का एक भाग दर्शन करें-

भाषांतरः- तुम अपने पड़ोसी से शिष्टता व सभ्यता करो मोमिन हो जाउगे।  पड़ोसी को तकलीफ व दुख पहुंचाना गंभीर पाप है ऐसे व्यक्ति के बारे में चेतावनी आई है, सहीह बुखारी, जिल्द 2, पः 889 में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः- हज़रत अबु शरीह रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने आदेश फरमायाः अल्लाह तआ़ला की कसम वह मोमिन नहीं, अल्लाह की कसम वह मोमिन नहीं, अल्लाह की कसम वह मोमिन नहीं निवेदन किया गया कौन या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम?  आदेश फरमायाः वह व्यक्ति का पड़ोसी इस की बुराईयों से सुरक्षित ना हो।  

इस से मालूम होता है के पड़ोसी (समीपवासी) से शिष्टता व सभ्याचार करना चाहिए और इसे तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए।  मानव किसी के साथ रहता है तो कुछ समय या 1-2 दिन की संगत होती है।  एवं किसी एक मामले से संबंधित मुलाकात रहती है।  परन्तु पड़ोसी से रात-दिन मुलाकात रहती है तथा कई एक कार्य में मामलात होते हैं।  

जब मनुष्य पड़ोसी से शिष्टाचार व सभ्याचार करने वाला हो जाए और इस के पड़ोसी इस से संतुष्ट और इस के शर से सुरक्षित हों तो वह दुसरों की तुलना में उच्च स्तर के शिष्टाचार व सभ्यता करने वाला होगा।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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