***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

فتاویٰ > विविध

Share |
f:1182 -    दफन करने का शरई़ तरीक़ा?
Country : हिंदुस्तान,
Name : इनायत अ़ली हिम्मती
Question:     दफन करने का शरई़ तरीक़ा?
............................................................................
Answer:     (1)- मैयित का दफन करना भी फर्ज़ किफाया है जिस प्रकार इस का ग़ूस्ल, कफन नमाज़।

(2)- मैयित का इसी स्थान (या घर में) जहाँ वह मरा हो दफन करना मकरुह है (कियों के यह बात अम्बया अलैहिस सलाम के लिए विशेष हैं) बल्कि इस को मुसलमानों के क़ब्रिस्तान (समाधि-क्षेत्र व शमशान) में दफन किया जाए।

(3)- मैयित का इसी स्थान की क़ब्रिस्तान में दफन करना बेहतर है जहाँ वह मरा हो।  

(4)- क़ब्र की दो क़िस्में (प्रकार) हैं एक बग़ली जिस को लहेद कहते हैं।  दूसरी संदुखी जिस को शख कहते हैं।

(5)- क़ब्र बग़ली बनाना सून्नत है यदि कहीं धरत व जमीन बहूत नर्म हो के बग़ली ना बन सके तो पिर संदुखी बनाना भी दुरूस्त व श्रेष्ट है।

(6)- क़ब्र का तौल मैयित के कद के अनुसार हो औऱ अर्ज़ निस्फ कद के बराबर।  गहराई भी कम से कम (मियाना कद आदमी के) निस्फ कद के बराबर होनी चाहिए और मूतुसत दर्जा यह है के सीने बराबर हो इश से अधिक यानी कद के अदम बराबर गहरी हो तो अफज़ल है।

(7)- जब क़ब्र तैयार हो जाए तो मैयित को इस में क़िबले की ओर से उतारें।  इस की सुरत यह है के जनाज़े (क़ब्र से मूतसल) खिबले की ओर रखा जाए (इस प्रकार के सर उत्तर की ओर हो और पैर दक्षिण की ओर) फिर उतारने वाले लोग खिबले रुह घडे हो कर मैयित को उठा के “बिसमिल्लाह वा आ़ला मिल्लती रसूलिल्लाह” कहते हुए क़ब्र में रखदें और दाहिने पहलो पर इस को खिबले रुह कर दें (के मसनुन हैं) फिर कपन की गिरहें खोल दें।

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com