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f:1178 -    ग़ैर मुसलिमों के बरतनों का उपयोग
Country : भारत,
Name : इनायत अ़ली हिम्मती
Question:     कया मुसलमान को ग़ैर-मुसलिमों के बरतन का उपयोग करना श्रेष्ठ कैसा है?
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Answer:     हज़रत नबी करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने ग़ैर मुसलिमों के बरतन (पात्र) धो कर उपयोग कर ने का आदेश फरमाया, जैसा के मुसनद इ़माम अहमद में हदीस हैः-

भाषांतरः- हज़रत अबु सअ़लबा क़ुशनी रदियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है के आप ने निवेदन कियाः या रसुल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम!  हम अहले किताब के इ़लाक़े में रहते हैं, किया हम इन के हांडियों में पका सकते हैं तथा इन के बरतनों में पी सकते हैं?  सरकार सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने फरमायाः यदि तुम दूसरे बरतन पाओ तो इन को पानी से अच्छी प्रकार धो लो तथा इन में पकाउ।  
(मुसनद इमाम अहमद बिन हम्बल, हदीस अबि साअ़लबा अल क़ुशनी, हदीस संख्याः 18223)  

स्पष्टतयाः इस दीस शरीफ से प्रकट हो रहा है के ग़ैर मुसलिमों के बरतनों (पात्र) को धो कर प्रयोग करना भी ऐसी स्थिति में है जब के दूसरे बरतन ना हों, अर्थात इस सिलसिले में फिखहा (धर्मशास्त्र) कराम तथा व्याख्यातार (अनुवादक) हदीस फरमाते हैं के यह आदेश इन बरतनों से संबंध है जो सुअर का गोश्त (मांस) या शराब इत्यादि के लिए प्रयोग किए गए हों कियों के इन्हें धोने के बाद बाद एक चिकित्सीय अनुचित व अप्रिय रहती है।  

इसी के पेश नज़र फरमायाः यदि दूसरे बरतन ना मिलें तो इन को पानी से धो कर इन परतनों में खा-पी सकते हों।  परन्तु ग़ैर मुसलिमों के अन्य बरतनों का प्रयोग दूसरे बरतनों (पात्र) कि उपलब्धी में भी श्रेष्ठतर है।  अर्थात तिरमिज़ी में हदीस हैः-

भाषांतरः- सैयदना अबु सअ़लबा क़ुशनी रदियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है इन्हों ने फरमाया, हज़रत रसुल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम से मजूसी (पारसी) कि हांडियों से संबंधित निवेदन किया गया तो आप (सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम) ने अनुदेश फरमायाः इन को धो कर साफ करो और इन में पकाउ।  
(जामे तिरमिज़ी, अबवाब उस सियर अ़न रसुल्लाही सल्लल्लाहु अल़ैहि वसल्लम बाबु मा जअ़ फिल इनतिफाइ़ बि आनियतिल मुशरिकीन, हदीस संख्याः 1482)  

इन रिवायतों से स्पष्ट होता है के ग़ैर मुसलिम के निमन्त्रण स्वीकार कि जा सकती है तथा इन के बरतनों में खाया और पिया जा सकता है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक/संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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